Connect with us

Latest News Today, Breaking News & Top News Headlines

तनिष्क ने वापस लिया अपना विज्ञापन, ट्विटर पर ट्रेंड कर रहा था #BoycottTanishq

National

तनिष्क ने वापस लिया अपना विज्ञापन, ट्विटर पर ट्रेंड कर रहा था #BoycottTanishq

आभूषण ब्रांड तनिष्क ने मंगलवार को अपने उस विज्ञापन को वापस ले लिया जिसमें दो अलग-अलग धर्मों को मानने वाले लोगों के एक परिवार को दिखाया गया है। तनिष्क ने सोशल मीडिया पर तीखे हमले किये जाने के बाद अपना विज्ञापन वापस ले लिया जिसमें कुछ लोगों ने उस पर ‘लव जिहाद’ और ‘फर्जी धर्मनिरपेक्षता’ को बढ़ावा देने के आरोप लगाये थे। कंपनी के इस कदम को लेकर सोशल मीडिया और अन्य जगहों पर तीव्र बहस शुरू हो गई। तनिष्क ने अपने आभूषण संग्रह ‘एकत्वम’ को बढ़ावा देने के लिए विज्ञापन पिछले सप्ताह जारी किया था और तभी से इसे लेकर विवाद उत्पन्न हो गया था। इस विज्ञापन को लेकर ट्विटर पर हैशटैग ‘बायकॉट तनिष्क’ ट्रेंड करने लगा था। 43 सेकंड के इस विज्ञापन में एक गर्भवती महिला को उसकी ‘गोद भराई’ की रस्म के लिए एक महिला द्वारा ले जाते हुए दिखाया गया था। बाद में लोगों को एहसास हुआ कि जो महिला उसे ले जा रही थी वहउसकी सास थी। विज्ञापन में साड़ी और बिंदी लगाये जवान महिला अधिक आयु वाली महिला को मां कहकर संबोधित करती है, जिसने सलवार कुर्ता पहन रखा है और अपना सिर दुपट्टे से ढंक रखा है। जवान महिला सवाल करती है, ‘‘आप यह रस्म नहीं करतीं?’’ इस पर मां जवाब देती है, ‘‘पुत्रियों को खुश रखने की परंपरा हर घर में होती है।’’ विज्ञापन में संयुक्त परिवार को दिखाया गया है, जिसमें हिजाब पहने एक महिला, साड़ी पहनी महिलाएं और नमाजी टोपी पहने लोग दिखते हैं। यूट्यूब पर वीडियो के बारे में लिखा है, ‘‘उसका विवाह एक ऐसे परिवार में हुआ है जो उसे अपने बच्चे की तरह प्यार करता है। केवल उसके लिए वे एक ऐसा रस्म करते हैं जो वे आमतौर पर नहीं करते। दो अलग अलग धर्मों, परंपराओं और संस्कृतियों और एक सुंदर संगम।’’ विज्ञापन को लेकर बहस शुरू हो गई और विज्ञापन पर प्रतिबंध लगाने और टाटा के ब्रांड के बहिष्कार की मांग करते हुए ट्वीट किये जाने लगे। तनिष्क ने सबसे पहले यूट्यूब पर अपने विज्ञापन पर टिप्पणियों तथा ‘लाइक्स’ और ‘डिस्लाइक्स’ को बंद किया और मंगलवार को वीडियो पूरी तरह से वापस ले लिया। विज्ञापन वापस लेने का कोई कारण नहीं बताया गया। तनिष्क ने प्रतिक्रिया देने या एक बयान देने को लेकर पीटीआई के अनुरोध पर अभी तक कोई जवाब नहीं नहीं दिया है। विज्ञापन वापस लेने को लेकर ट्विटर पर एक नयी बहस शुरू हो गई। इसमें कांग्रेस सांसद शशि थरूर, लेखक चेतन भगत और अभिनेत्री स्वरा भास्कर शामिल हो गईं।

PM मोदी के नेतृत्व पर भरोसा जता अभिनेत्री खुशबू सुंदर ने थामा भाजपा का दामन

थरूर ने ट्वीट किया, ‘‘तो कट्टर हिंदुत्वादियों ने बहिष्कार का आह्वान किया है? हिंदू-मुस्लिम एकता को इस खूबसूरत विज्ञापन के जरिये सामने लाने के लिए तनिष्क ज्वेलरी के बहिष्कार करने का आह्वान किया है। अगर हिंदू-मुस्लिम एकत्वम उन्हें इतना परेशान करता है, तो वे दुनिया में हिंदू-मुस्लिम एकता के प्रतीक-भारत का बहिष्कार क्यों नहीं करते हैं।’’ थरूर के सहयोगी अभिषेक सिंघवी ने उनका साथ दिया। सिंघवी ने ट्वीट किया, ‘‘तनिष्क के विज्ञापन का बहिष्कार करने वालों को पुत्रवधु नहीं दिखती जो अपनी सास के साथ खुश है। आपने बहुत धारावाहिक और समाचार देखे हैं।’’ ‘टू स्टेट्स’ के लेखक भगत ने कहा कि कंपनी को धौंस में नहीं आना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘टाटा समूह के तौर पर तनिष्क से उम्मीद थी कि वह निष्पक्ष और साहसी होगा। यदि आपने कुछ भी गलत नहीं किया है, यदि आपने हमारे देश के बारे में कुछ सुंदर दिखाया है, तो परेशान मत होइए। भारतीय बनो। मजबूत बनो।’’ अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने भी आलोचना की और ट्वीट करते हुए कहा, ‘‘इतनी बड़ी कंपनी, इतनी कमजोर रीढ़।’’ अभिनेत्री ऋचा चड्ढा ने कहा, ‘‘टीबीएच, पेड ट्विटर ट्रेंड्स और गढ़े हुए आक्रोश पर प्रतिक्रिया व्यक्त करना सिर्फ अदूरदर्शी है। विज्ञापन प्यारा था। इसके साथ खड़े होने से वे दूरदर्शी बनते।’’ ब्लॉगर और लेखिका ऋचा सिंह ने कंपनी का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि जो यह उपदेश दे रहे हैं कि तनिष्क को विज्ञापन वापस नहीं लेना चाहिए, जाहिर तौर पर उनकी आभूषणों की दुकानें नहीं हैं। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘वर्तमान समय जैसे उपद्रवी माहौल में वे पहले वे अपने कर्मचारियों और व्यावसायिक हितों की रक्षा करेंगे और फिर आपके इंकलाब के बारे में सोचेंगे। तो कृपया, इसे रहने दें।’’ ध्रुवीकरण नौ अक्टूबर से ही प्रत्यक्ष तौर पर दिख रहा था जब विज्ञापन पहली बार जारी किया गया था। कई लोगों ने तनिष्क को ‘‘काल्पनिक’’ अंतर धार्मिक संबंध पेश करने और ‘लव जिहाद’ को बढ़ावा देने के लिए आड़े हाथ लिया था। वहीं, कई अन्य लोगों ने उसकी सामंजस्यपूर्ण भारत दिखाने के लिए सराहना की थी। पूर्व आईएएस अधिकारी एवं लेखक संजय दीक्षित ने ट्वीट किया, ‘‘तनिष्क ज्वेलरी की एकत्वम’ श्रृंखला का विज्ञापन एक काल्पनिक ‘अंतर-आस्था’ मिलन पेश करता है, एक मुस्लिम परिवार में एक हिंदू बहू को एक हिंदू रस्म करने की अनुमति दी जाती है। यह और कुछ नहीं बल्कि लव जिहाद का प्रचार है ..।’’ भाजपा नेता एवं पूर्व सांसद गीता कोथपल्ली ने इस विज्ञापन को ‘‘अत्यंत आपत्तिजनक औरलव-जिहाद को सामान्य बनाने वाला’’ बताया। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘मैं जानना चाहती हूं कि इस विज्ञापन का निर्देशन किसने किया और किसने लिखा?’’ एक अन्य ट्विटर उपयोगकर्ता शर्मा खेमचंद ने लिखा, ‘‘आप एक मुस्लिम परिवार में हिंदू बहू क्यों दिखा रहे हैं और इसे महिमामंडित कर रहे हैं? आप अपने विज्ञापनों में एक हिंदू परिवार के साथ मुस्लिम बहू को क्यों नहीं दिखाते हैं? ऐसा लगता है कि आप लव जिहाद को बढ़ावा दे रहे हैं और किसी विशेष आस्था का पक्ष ले रहे हैं।’’ तनिष्क के बहिष्कार की आवाज बढ़ने के साथ ही इसके समर्थन में कई लोग सामने आ गए। कुछ ने तनाव को दूर करने के लिए हास्य का इस्तेमाल किया। संदीप नाम के एक ट्विटर उपयोगकर्ता ने ट्वीट किया, ‘‘लोग तनिष्क के बहिष्कार को इस तरह से ट्रेंड करा रहे हैं जैसे वे दैनिक आधार पर उससे गहने खरीदते हैं।

Continue Reading
You may also like...
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

More in National

To Top