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अमित शाह का राहुल पर प्रहार: कांग्रेस की हार की वजह मतदाता सूची नहीं, आपका नेतृत्व है

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अमित शाह का राहुल पर प्रहार: कांग्रेस की हार की वजह मतदाता सूची नहीं, आपका नेतृत्व है

गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को विपक्ष पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर झूठ फैलाने और पूरी दुनिया में भारतीय लोकतंत्र की छवि धूमिल करने का आरोप लगाया तथा दावा किया कि चुनावों में कांग्रेस की हार की वजह ईवीएम एवं मतदाता सूची नहीं, बल्कि राहुल गांधी का नेतृत्व है। उन्होंने लोकसभा में, चुनाव सुधारों पर चर्चा में भाग लेते हुए यह भी कहा कि एक दिन कांग्रेस के कार्यकर्ता हार का हिसाब मांगेंगे। शाह ने कहा कि संविधान निर्वाचन आयोग को मतदाता सूची बनाने का पूर्ण अधिकार देता है तथा एसआईआर मतदाता सूची के शुद्धिकरण की प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि विदेशी नागरिकों को भारत में मतदान करने का अधिकार नहीं दिया जा सकता। शाह ने कहा, ‘‘संविधान के अनुच्छेद 326 में मतदाता की पात्रता, योग्यता, और मतदाता होने की शर्तें तय की गई है। सबसे पहली शर्त है, मतदाता भारत का नागरिक होना चाहिए, विदेशी नहीं होना चाहिए। ये (विपक्ष) कह रहे हैं कि चुनाव आयोग एसआईआर क्यों कर रहा है? उसका (निर्वाचन आयोग) दायित्व है, इसलिए कर रहा है।’’ उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग तटस्थता से चुनाव कराने वाली संस्था है। गृह मंत्री ने कहा कि अनर्गल आरोप लगाकर निर्वाचन आयोग की छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘आपको ऐसा लगता है कि आप सरकार की छवि को धूमिल कर रहे हैं, लेकिन असल में आप पूरी दुनिया में भारत के लोकतंत्र की छवि धूमिल कर रहे हैं।’’ शाह ने कहा कि यह नयी परंपरा शुरू हुई है कि चुनाव नहीं जीते तो निर्वाचन आयोग को बदनाम करो, जो लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। उन्होंने कई चुनावों में विपक्षी दलों की जीत का उल्लेख करते हुए कहा कि अगर मतदाता सूची खराब थी तो शपथ क्यों ली? गृह मंत्री ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए कहा, ‘‘ईवीएम की दलील गले नहीं उतरती तो अब वोट चोरी का मुद्दा लेकर आए। वोट चोरी का मुद्दा लेकर पूरे बिहार में यात्रा निकाली। फिर भी हार गए। हारने का कारण आपका नेतृत्व है, हारने का कारण ईवीएम और मतदाता सूची नहीं है।’’ उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता एक दिन इनका हिसाब मांगेंगे कि इतने चुनाव कैसे हार गए। उन्होंने कहा कि भाजपा कई चुनाव हारी, लेकिन कभी किसी मुख्य निर्वाचन आयुक्त और निर्वाचन आयोग पर सवाल खड़े नहीं किए। शाह ने कहा कि भाजपा को कभी सत्ता विरोधी लहर का सामना नहीं करना पड़ता है। उन्होंने कहा, ‘‘सत्ता विरोधी लहर का सामना तो उन्हें करना पड़ता है जो जनहित के विरुद्ध काम करते हैं।

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