Bihar
नौकरी के बदले जमीन घोटाला: सीबीआई ने सभी आरोपियों की स्थिति सत्यापन रिपोर्ट अदालत में दाखिल की
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने नौकरी के बदले कथित जमीन घोटाले से जुड़े आरोपपत्र में नामित सभी आरोपियों की स्थिति पर अपनी अंतिम सत्यापन रिपोर्ट शुक्रवार को प्रस्तुत की। यह रिपोर्ट सीबीआई के विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने के समक्ष प्रस्तुत की गई, जो लालू प्रसाद यादव और अन्य के खिलाफ इस मामले में संलिप्तता के आरोप में सीबीआई द्वारा दायर मामले की सुनवाई कर रहे हैं। सीबीआई ने अपनी सत्यापन रिपोर्ट में कहा है कि उसके आरोपपत्र में नामित 103 आरोपियों में से पांच की मौत हो चुकी है। न्यायाधीश ने कहा, “आरोपियों की स्थिति पर सत्यापन रिपोर्ट पूरी हो चुकी है। इसलिए अदालत यह दर्ज करती है कि निम्नलिखित आरोपियों का निधन हो गया है और उनके खिलाफ कार्यवाही समाप्त कर दी गई है।” अदालत ने आदेश सुनाने के लिए नौ जनवरी की तारीख निर्धारित कर दी। ग्यारह दिसंबर को अदालत ने जांच एजेंसी को कथित घोटाले के संबंध में सत्यापन रिपोर्ट दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय दिया था। सीबीआई ने कथित घोटाले के संबंध में लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, उनके बेटे तेजस्वी यादव और अन्य के खिलाफ आरोपपत्र दायर किए हैं। अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया है कि 2004 से 2009 के बीच रेल मंत्री के रूप में लालू प्रसाद के कार्यकाल के दौरान मध्यप्रदेश के जबलपुर में भारतीय रेलवे के पश्चिमी मध्य जोन की ग्रुप-डी श्रेणी में नियुक्तियां राजद प्रमुख के परिवार के सदस्यों या सहयोगियों के नाम पर अभ्यर्थियों द्वारा उपहार में दी गई या स्थानांतरित की गई जमीन के बदले में की गई थीं। सीबीआई ने यह भी दावा किया कि नियुक्तियां नियमों का उल्लंघन करते हुए की गई थीं और लेन-देन में बेनामी संपत्तियां शामिल थीं, जो आपराधिक कदाचार और साजिश के बराबर है। आरोपियों ने इन आरोपों से इनकार करते हुए दावा किया है कि यह मामला राजनीति से प्रेरित है।
